कविता हिन्दी लेख 

भारत का जवान

जान हथेली पर लिये,
वीर, पराक्रमी, वरदान है।
वो भारत का जवान है।।

शाम-सवेरे जाग रहा,
और चेहरे पर अभिमान है।
वो भारत का जवान है।।

युद्ध भूमि पर अड़ा रहा,
हाथ में तीर-कमान है।
वो भारत का जवान है।।

तूफानों की रातों में,
अडिग खड़ा! नहीं परेशान है।
वो भारत का जवान है।।

तिरंगा कभी झुकने ना देगा,
उसमें ही उसकी जान है।
वो भारत का जवान है।।

मृत्यु का भय तनिक नही,
शहीदों की यही तो शान है।
वो भारत का जवान है।।

छलनी हो गया है सीना,
मुख पर तब भी मुस्कान है।
वो भारत का जवान है।।

शत-शत नमन उन वीरों को,
अतुलनीय जिनका बलिदान है।
वो भारत का जवान है।।

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